नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के ठीक सामने सोमवार शाम करीब 6:45 बजे एक आई-20 कार में हुआ भीषण धमाका आतंकी हमला साबित हुआ है। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी। धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 38 से अधिक घायल हैं।

मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी की मौत, डीएनए से होगी शिनाख्त

पुलिस के अनुसार, धमाका जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के लेधपोरा निवासी डॉ. उमर नबी भट (35) ने अंजाम दिया। फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज में सहायक प्रोफेसर उमर खुद इस विस्फोट में मारा गया। उसका शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया है, इसलिए पहचान के लिए उसकी मां का डीएनए सैंपल लिया गया है।

सीसीटीवी फुटेज में नकाबपोश उमर ही कार चलाता दिख रहा है। वह कार में अकेला था।

यह भी पढ़ें:  आईएमस यूनिसन विश्वविद्यालय में चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

जैश और अंसार गजवत-उल-हिंद का सफेदपोश मॉड्यूल बेनकाब

जांच से पता चला है कि उमर फरीदाबाद स्थित एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का सदस्य था, जिसके तार जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े हैं। यह नेटवर्क जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था।

सोमवार सुबह ही फरीदाबाद में छापों में 3,000 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था और तीन डॉक्टरों समेत आठ लोग गिरफ्तार किए गए थे। उमर पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही जगह बदलकर बच निकला था।

कार का 11 घंटे का रूट ट्रेस

  • उमर ने सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में करीब तीन घंटे बिताए।
  • वहां वह मोबाइल पर फरीदाबाद में अपने साथियों की गिरफ्तारी की खबरें पढ़ता रहा।
  • जांच एजेंसियों ने कार के पूरे 11 घंटे के रूट को सीसीटीवी से ट्रेस कर लिया है।

दो तरह के विस्फोटक बरामद, अमोनियम नाइट्रेट से ज्यादा खतरनाक दूसरा पदार्थ

घटनास्थल से दो जिंदा कारतूस और दो अलग-अलग विस्फोटकों के नमूने मिले हैं।

  • पहला: अमोनियम नाइट्रेट
  • दूसरा: अमोनियम नाइट्रेट से भी ज्यादा शक्तिशाली
यह भी पढ़ें:  उत्तराखंड एविएशन सेक्टर पर उठे सवाल, क्या सुरक्षा मानकों से हो रहा समझौता?

फोरेंसिक टीम ने 40 से अधिक सैंपल इकट्ठा किए हैं। प्रारंभिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट, डीजल और डेटोनेटर के मिश्रण की पुष्टि हुई है।

आत्मघाती हमला या बौखलाहट में विस्फोट?

एजेंसियां अभी इसे प्लान्ड सुसाइड अटैक नहीं मान रही हैं।

  • कार किसी लक्ष्य से टकराई नहीं, चलती हुई थी।
  • बम पूरी तरह तैयार नहीं था।
  • जमीन पर गड्ढा नहीं बना, न ही छर्रे या धातु के टुकड़े मिले।
  • कोई आईईडी नहीं लगा था।

अधिकारी मान रहे हैं कि गिरफ्तारी के डर से भागते वक्त घबराहट में विस्फोट हुआ होगा।

अब तक की गिरफ्तारियां

  • उमर के पिता गुलाम नबी भट, दो भाई और दोस्त सज्जाद हिरासत में।
  • कार देने वाला पुलवामा का तारिक गिरफ्तार।
  • कार की खरीद-फरोख्त से जुड़े तीन अन्य लोग पकड़े गए।
  • अल फलाह यूनिवर्सिटी के कुछ डॉक्टर सहकर्मी हिरासत में।
  • कश्मीर में चार लोग पकड़े गए, दो को दिल्ली लाया गया।
यह भी पढ़ें:  उत्तराखंड एविएशन सेक्टर पर उठे सवाल, क्या सुरक्षा मानकों से हो रहा समझौता?

यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम में केस दर्ज

दिल्ली पुलिस ने यूएपीए की आतंकी साजिश वाली धाराओं और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

दिल्ली हाई अलर्ट, बड़ी साजिश नाकाम

अगर विस्फोटक का सही इस्तेमाल होता तो नुकसान कहीं ज्यादा होता। समय पर कार्रवाई से बड़ी आतंकी वारदात टल गई। दिल्ली के सभी बॉर्डर, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और होटलों पर कड़ी चेकिंग जारी है।

दिल्ली सरकार का ऐलान

  • मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख
  • स्थायी रूप से अशक्त को ₹5 लाख
  • गंभीर घायलों को ₹2 लाख
  • सामान्य घायलों को ₹20,000

एनआईए अब पूरे मामले की तह तक जाएगी। देश भर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *