पटना : बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सभी नवनिर्वाचित विधायक मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा भी उपस्थित थे।

बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने एनडीए विधायक दल के नेता के रूप में नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पर सभी विधायकों ने एकस्वर से सहमति जताई और “नीतीश कुमार जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए सर्वसम्मति से उन्हें नेता चुना गया।

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इसके साथ ही एनडीए ने कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की पूरी तैयारी कर ली है। गुरुवार को गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में नीतीश कुमार दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस समारोह में शामिल होंगे।

चुनाव परिणामों से पहले ही ‘अमर उजाला’ ने स्पष्ट रूप से खबर दी थी कि बहुमत मिलने की स्थिति में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बनाएगी। आज हुई बैठक में वह भविष्यवाणी सौ फीसदी सत्य साबित हुई।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुछ ही देर में राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे, जिसके बाद नए मंत्रिमंडल के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

बिहार में एनडीए की इस एकजुटता ने स्पष्ट कर दिया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही प्रदेश आगे बढ़ेगा। कल का शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिखेगा।

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