• “बच्चों के सीखने या भावनात्मक परेशानियों से जूझने समेत कई विषयों पर केंद्रित रही बाल चिकित्सा जागरुकता की ये संगोष्ठी।”
  • भारत, ब्राजील और जर्मनी के बच्चों की नींद की दवा में हुई तरक्की पर विशेषज्ञों ने की चर्चा।
  • बाल चिकित्सा जागरूकता पर हुए आयोजन में तीन मुख्य आयोजक उत्तराखंड से रहे।

नई दिल्ली : गुरुवार, 20 नवंबर 2025 को बाल चिकित्सा जागरूकता पर नई दिल्ली में तीन देशों संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें भारत, ब्राजील और जर्मनी के बच्चों की नींद की दवा में हुई तरक्की पर चर्चा की गई। जर्मनी की तरफ से वक्ता रहे प्रो. डॉ. मेड. एकेहार्ट पैडिट्ज़ (चेयरपर्सन, ड्रेसडेन जर्मनी) ने कहा- “हम एक ई-एब्स्ट्रैक्ट बुकलेट पब्लिश करेंगे जिससे स्टूडेंट्स के काम को एक इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर ले जाया जा सके और इसमें सभी चुने गए स्टूडेंट्स के एब्स्ट्रैक्ट्स भी शामिल रहेंगे।”

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भारत की तरफ से वक्ता रहे प्रो. डॉ. हृदयानंद मलिक (प्रेसिडेंट, इंडियन सोसाइटी फॉर स्लीप रिसर्च) ने बताया- “स्लीप डिसऑर्डर में सबसे अच्छे नतीजे पाने के लिए होम्योपैथी का दूसरे मेडिकल साइंस के साथ मिलकर काम करना एक बड़ा कदम होगा।” डॉ. अवि शर्मा, चेयरपर्सन ने बताया कि “भारत में एलर्जी से जुड़े बच्चों के नींद के विकार और होम्योपैथिक इलाज” विषय पर भी प्रेजेंटेशन दिया गया।

कार्यक्रम में मौजूद रहीं डॉ. कंचन उप्रेती, चेयरपर्सन ने कहा- “एक बच्चा जो व्यवहार, सीखने या भावनात्मक परेशानियों से जूझता है जिसकी वजह से बचपन से ही बच्चों का विकास प्रभावित होने लगता है। आज का प्रेजेंटेशन ऐसे ही विषयों पर केंद्रित रहा।” इस कार्यक्रम में चुने हुए स्टूडेंट रिसर्च पोस्टर दिखाए गए और इसका मकसद बच्चों की नींद की सेहत के लिए इंटरनेशनल सहयोग को मज़बूत करना था।

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