श्रीनगर। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत इंट्रायूटेरिन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (आई.यू. सी.डी.) के पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आज समापन किया गया। 16 दिसंबर से शुरू हुए इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के तौर पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से प्रो. डॉo नवज्योति बोरा द्वारा जनपद में ब्लॉक स्तर से आए नर्सिंग अधिकारियों को यह प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आई.यू.सी.डी.के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने के साथ ही इसे लगाने का प्रशिक्षण दिया गया। डॉ नव ज्योति बोरा द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी देते हुए बताया गया कि, आईयूसीडी महिलाओं के लिए लंबे समय तक गर्भ निरोधक का सुरक्षित और प्रभावी अस्थाई साधन है। जिसे महिलाओं के गर्भाशय में डाला जाता है, जो महिलाएं लंबे समय तक गर्भ निरोधक चाहती हैं उनके लिए यह कॉपर टी – 380A दस साल के लिए तथा कॉपर टी – 375 पांच साल तक गर्भ निरोध के लिए सरकारी चिकित्सा इकाइयों में निःशुल्क उपलब्ध है। इसे प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में लगाना व निकालना आवश्यक है। यह मासिक धर्म के चार से सात दिन के भीतर तथा प्रसव के तुरंत बाद या 48 घंटे के भीतर या गर्भपात के तुरंत बाद लगाया जा सकता है। स्तन पान कराने वाली महिलाएं भी इसे लगा सकती हैं और इसे निकालने के बाद प्रजनन क्षमता तुरंत वापस आ जाती है। प्रशिक्षण समापन के अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक बेस चिकित्सालय श्रीनगर डॉoराकेश रावत ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लाभार्थियों की काउंसलिंग का विशेष महत्व है। उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए फील्ड लेबल पर बेहतर परिवार नियोजन सेवाएं प्रदान करने हेतु प्रेरित किया। इस मौके पर जनसंपर्क अधिकारी मेडिकल कालेज योगेश रावत,परिवार नियोजन परामर्शदाता विजय लक्ष्मी, जिला आई.ई.सी. कॉर्डिनेटर शकुंतला नेगी, पूजा रॉय,गीता नेगी व ब्लॉक स्तर से आए नर्सिंग अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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