पोखरी (चमोली)। पोखरी ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में भालुओं के आंतक से निजात दिलाने को वन विभाग की संयुक्त टीमें रात्रि गश्त पर उतरी हैं। क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में लगातार भालुओं के दिखाई देने से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। शाम और सुबह के समय ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से लोग कतराने लगे हैं। स्थिति को नियंत्रण में रखने और ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग पोखरी रेंज एवं केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग नागनाथ रेंज की संयुक्त टीमें लगातार रात्रि गश्त कर रही हैं।

बीते 19 नवंबर को पाब गांव की रामेश्वरी देवी पर जंगल में घास काटते समय भालू ने हमला कर दिया था। इससे गंभीर रूप से जख्मी महिला का एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा है। बीते 21 नवंबर को तमुड़ी और गनियाला के छात्रों ने स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटते समय रास्ते में भालू देखे। अचानक भालू दिखने से छात्र भयभीत होकर अपने बैग वहीं छोड़कर गांवों की ओर भागे। बाद कों ग्रामीणों ने उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया। जौरासी के वन पंचायत सरपंच सुभाष कुमार ने बताया कि 22 नवंबर की रात गांव में  दो भालू दिखाई दिए। भालुओं ने एक बैल को मार डाला। इसके अलावा गनियाला, पांव, विशाल और देवस्थान क्षेत्रों में भी भालुओं की मौजूदगी से दहशत व्याप्त है। इस तरह के हालातों को देखते हुए वन विभाग की संयुक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सतर्क कर सावधानी बरतने की सलाह दे रही है।

अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग पोखरी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीएल शाह और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी  ने ग्रामीणों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और गांव के आसपास सफाई रखें। महिलाएं अकेले खेतों या जंगलों में न जाएं। भालू दिखने पर शोर मचाकर उसे भगाने का प्रयास करें।

रात्रि गश्त में उप वन क्षेत्राधिकारी बीरेंद्र सिंह नेगी, वन दरोगा आनंद सिंह रावत, राजे सिंह नेगी, मोहन बर्त्वाल, वन आरक्षी अमित भंडारी, उमेद सिंह नेगी, आशीष उनियाल, अमित मैठाणी, दिनेेश सिंह, हरीश चौहान, देवेन्द्र सिंह समेत अन्य वन कर्मी शामिल हैं।

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