देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘विकल्प रहित विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंचायतीराज विभाग, उत्तराखंड ने आज भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) काशीपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू का उद्देश्य राज्य की पंचायतीराज संस्थाओं को सशक्त बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन सुनिश्चित करना है।

यह एमओयू निदेशालय पंचायतीराज देहरादून में पंचायतीराज विभाग की निदेशक निधि यादव (आईएएस) और भारतीय प्रबंधन संस्थान काशीपुर के डीन प्रोफेसर कुनाल गांगुली के मध्य हस्ताक्षरित किया गया। यह पहल भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय की केंद्र पोषित योजना ‘राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान’ के अंतर्गत की गई है। इस समझौते के तहत, IIM काशीपुर पंचायतीराज के निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्मिकों/अधिकारियों की नेतृत्व, प्रबंधन एवं प्रशासनिक क्षमता में अभिवृद्धि एवं विकास हेतु व्यापक क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

एमओयू के अंतर्गत संस्थान नेतृत्व, प्रबन्धन एवं प्रशासनिक क्षमता में अभिवृद्धि एवं विकास हेतु पंचायतीराज के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं कार्मिकों/अधिकारियों के क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण प्रदान करेगा। हस्ताक्षरित एमओयू के अंतर्गत प्रशिक्षण मॉड्यूल में सुशासन, नेतृत्व के सिद्धांत, सहभागी नियोजन एवं संसाधन प्रबन्धन, पंचायतीराज संस्थाओं में डिजीटल एवं ई-शासन, पंचायतों में वित्तीय प्रबन्धन एवं बजट, समुदाय के साथ संवाद एवं विवाद समाधान तथा राज्य एवं राज्य के बाहर आधुनिक एवं तकनीक आधारित उत्कृष्ट प्रणालियों पर प्रबन्धन के गुर सिखाएगा। 

निदेशक निधि यादव ने इस अवसर पर बताया कि यह एमओयू मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी की दूरदर्शी सोच और राज्य को विकसित बनाने के संकल्प का परिणाम है, जिसे आज धरातल पर उतारा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से पंचायतीराज संस्थाएं अधिक प्रभावी और कुशल बनेंगी, जिससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

इस मौके पर पंचायतीराज के उप-निदेशक मनोज कुमार तिवारी एवं संयुक्त निदेशक हिमाली जोशी सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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