गोपेश्वर (चमोली)। दीपावली पर बदरीनाथ मंदिर को 12 कुतंल गेंदे के फूलों से सजाया गया है। इसके चलते बदरीनाथ मंदिर की भव्यता दिखते ही बन रही है। बदरीनाथ धाम में दीपावली के पर्व पर मां लक्ष्मी, कुबेर तथा बदरीविशाल के खजाने की खास तौर पर पूजा अर्चना की जाती है। दीपावली पर मंदिर परिसर में तीर्थयात्री और स्थानीय  लोग दीप जलाते हैं। इस पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ मंदिर को सजाने के लिए मुंबई के श्रद्धालु ने फूलों की सौगात दी है। बताया कि मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। बताया कि बदरीनाथ धाम में दीपावाली पर्व को धार्मिक रीति रिवाजों के बीच मनाए जाने की पंरपरा है। उधर, सीमांत गांव माणा में दीपावाली पर्व को लेकर जनजाति के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जनजाति के लोग भी इस पर्व को मनाने के लिए उतसाह पूर्वक भागीदारी कर रहे हैं।

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कर्णप्रयाग। दीपावली पर्व को गांव नगरों में भी खासा उत्साह बना हुआ है। इसके चलते प्रवासी भी दीपावली पर्व को  लेकर गांव लौट आए हैं। कर्णप्रयाग ब्लॉक के गांवों तथा नगरों को फूलों तथा लडियो से सुसज्जित किया गया है। प्रवासी भी महानगरों से गांव लौट कर दीवाली के जश्न में डुब गए हैं। तमाम प्रवासियों का कहना है कि गांवों में दीवाली पर्व का अपना ही महत्व है। यहां आकर सुकुन मिलता है। इसीलिए महानगरों को छोड़कर गांवों को आए हैं।

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