देहरादून : उत्तराखंड के स्थापना दिवस की रजत जयंती समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर राज्य पुलिस व प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। 3 नवंबर को राष्ट्रपति मुर्मू विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगी, जबकि 9 नवंबर को पीएम मोदी राज्य के गठन दिवस पर मुख्य समारोह में शिरकत करेंगे। इन दौरे के मद्देनजर जिलाधिकारी ने सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

सुरक्षा पर पुख्ता इंतजाम

एसएसपी ने वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा चूक से बचा जा सके। राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। देहरादून सहित संवेदनशील जिलों में केंद्रीय व राज्य सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। विशेष रूप से, ड्रोन संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

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जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया, “राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के दौरे राज्य के लिए गौरव का विषय हैं। हमने ट्रैफिक, आवास, स्वास्थ्य व आपातकालीन सेवाओं की पूरी तैयारी कर ली है। कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” एसएसपी जनमेजय कंडारी ने कहा कि “सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मोबाइल प्रतिबंध अनिवार्य है, और ड्रोन नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है।”

रजत जयंती का भव्य आयोजन

उत्तराखंड के 25वें स्थापना दिवस पर 9 नवंबर को देहरादून में मुख्य समारोह होगा, जहां पीएम मोदी राज्य के विकास पर विशेष संबोधन देंगे। इससे पहले 3 नवंबर को राष्ट्रपति मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगी और विधानसभा सत्र में राज्य के 25 वर्षों के सफर पर प्रकाश डालेंगी। यह पहला मौका होगा जब राज्य के स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री दोनों शामिल होंगे।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि “दौरे से जनता को कोई असुविधा न हो, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है।” राज्य सरकार ने पर्यटन स्थलों पर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा है, क्योंकि दौरे के दौरान हजारों पर्यटक व श्रद्धालु देवभूमि में मौजूद रहेंगे।

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