प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से शिष्टाचार भेंट कर दोनों राज्यों के बीच पर्यटन की संभावनाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।

प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से उनके जयपुर स्थित आवास पर पहुंचकर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने दोनों राज्यों के बीच पर्यटन की संभावनाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई। श्री महाराज ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से मुलाकात के बाद बताया कि महाभारत काल के दौरान पाण्डवों ने उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण किया। राजस्थान में भी पाण्डव कई स्थानों पर घूमे इस लिए दोनों राज्य मिल कर महाभारत सर्किट का विस्तार करेंगे।

यह भी पढ़ें:  फिजियोथेरेपिस्टों की रिक्तियों पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल से मिला प्रतिनिधिमंडल, शीघ्र भर्ती की उठाई मांग

उन्होंने बताया कि राजस्थान के गणगौर उत्सव की बड़ी मान्यता है। इस उत्सव में यह माना जाता है कि माता गौरी (पार्वती) अपने पीहर यानी मायके आती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती हिमालय की पुत्री (शैलपुत्री) हैं और उनका मायका उत्तराखंड का हिमालय क्षेत्र ही है। इसलिए दोनों राज्यों के बीच पौराणिक और सांस्कृतिक स्तर पर गहरे जुड़ाव को देखते हुए उत्तराखंड और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *