• अल्मोड़ा के माल रोड स्थित हेड पोस्ट ऑफिस और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की मुख्य शाखा, रानीखेत, द्वाराहाट, चौखुटिया और सोमेश्वर शाखा में शिविरों का हुआ आयोजन
  • ⁠बुज़ुर्ग पेंशनभोगियों के घर जा कर प्रदान की गई डीएलसी सेवा

अल्मोड़ा : पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार, केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए 1 से 30 नवंबर, 2025 तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 4.0 आयोजित कर रहा है। डीएलसी अभियान 4.0 द्वारा संतृप्ति-आधारित दृष्टिकोण अपनाते हुए देशभर के 2,000 से अधिक शहरों और कस्बों को कवर किया जा रहा है ताकि पेंशनभोगियों को कई डिजिटल तरीकों के माध्यम से अपने जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा मिल सके।

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इसी कड़ी में मंगलवार को अल्मोड़ा में डीएलसी 4.0 अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में वर्ष 2021 में शुरू की गई आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के उपयोग की जानकारी लोगों को दी गई, जिससे पेंशनभोगी स्मार्टफोन का उपयोग करके अपने घर बैठे आसानी से जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकें। साथ ही बुज़ुर्ग पेंशनभोगियों के घर जा कर उन्हें डीएलसी सेवा प्रदान की गई।

अल्मोड़ा के माल रोड स्थित इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (डाक विभाग) ने अति वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनभोगियों को डोरस्टेप डीएलसी सेवाएं प्रदान कीं, जबकि अल्मोड़ा ज़िले के एसबीआई बैंकों, पेंशनभोगी संघों और क्षेत्रीय कार्यालयों ने जागरूकता शिविर आयोजित किए और ऑन-साइट सहायता प्रदान की।

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इस अभियान के दौरान, लालता प्रसाद पाल, परामर्शदाता, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, भारत सरकार, ने मंगलवार को अल्मोड़ा के माल रोड स्थित हेड पोस्ट ऑफिस और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की मुख्य शाखा, रानीखेत, द्वाराहाट, चौखुटिया और सोमेश्वर शाखा के शिविरों में जाकर, डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाने के संबंध में चर्चा की। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के अधिकारी ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एवं भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधियों के साथ शिविरों में जाकर पेंशनभोगियों को फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग करके जीवनप्रमाण जमा करने में मदद की और उन्हें इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान की।

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वर्ष 2024 में आयोजित डीएलसी 3.0 में 1.62 करोड़ से भी अधिक डीएलसी जनरेट किए गए, जिनमें से 50 लाख फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा जनरेट किए गए। डीएलसी अभियान 4.0 की प्रारंभिक रिपोर्टों से ऐसा प्रतीत होता है कि बैंकों, आईपीपीबी, यूआईडीएआई, मेटी, सीजीडीए, रेलवे और पेंशनभोगी कल्याण संघों के संयुक्त प्रयासों से इस वर्ष 2 करोड़ डीएलसी के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। विभाग डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान जैसे प्रौद्योगिकी-संचालित नवीन प्रयासों के माध्यम से पेंशनभोगियों के जीवन को और अधिक सुविधापूर्ण बनाने और उनके डिजिटल सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

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