• अनफिट और ओवरलोड वाहनों पर एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा एवं संभागीय निरीक्षक, हरिद्वार की संयुक्त कार्रवाई से हरिद्वार–नजीबाबाद मार्ग में सख़्ती

हरिद्वार : हरिद्वार–नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अनफिट एवं ओवरलोड वाहनों के कारण उत्पन्न हो रही दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से आज परिवहन विभाग, हरिद्वार द्वारा एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा एवं संभागीय निरीक्षक, हरिद्वार के संयुक्त नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस के सहयोग से सघन प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान संभागीय निरीक्षक, हरिद्वार आनंद वर्धन द्वारा वाहनों की तकनीकी फिटनेस, संरचनात्मक स्थिति एवं भार क्षमता की गहन जांच की गई, जबकि हरिद्वार पुलिस द्वारा दस्तावेज़ों, ड्राइविंग लाइसेंस तथा यातायात नियमों के अनुपालन की जांच सुनिश्चित की गई। टास्क फोर्स चिड़ियापुर प्रभारी भारत भूषण, इंटरसेप्टर हरिद्वार प्रभारी वरुणा सैनी, यातायात सहायक उपनिरीक्षक संजय चौहान एवं यातायात निरीक्षक हितेश कुमार की संयुक्त टीम द्वारा मार्ग पर व्यापक स्तर पर चेकिंग की गई।

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जांच के दौरान बड़ी संख्या में वाहन निर्धारित भार क्षमता से अधिक ओवरलोड, तकनीकी रूप से अनफिट, बिना वैध प्रपत्रों, बिना ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिना नंबर प्लेट के संचालित पाए गए। कार्रवाई से बचने के प्रयास में कुछ वाहन चालक अपने वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गए, जिनके विरुद्ध वाहन स्वामी के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 50 से अधिक वाहनों के चालान किए गए तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित 5 वाहनों को जब्त किया गया। इस दौरान ₹2 लाख से अधिक का संयोजन शुल्क (Compounding Fee) वसूल किया गया।

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सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हरिद्वार पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप भी लगाए गए, जिससे रात्रि के समय वाहनों की दृश्यता बढ़े एवं दुर्घटनाओं की संभावना में कमी लाई जा सके। परिवहन विभाग एवं हरिद्वार पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अनफिट एवं ओवरलोड वाहनों के संचालन के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की संयुक्त, सघन एवं सख़्त प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। साथ ही वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों की तकनीकी फिटनेस सुनिश्चित करें, निर्धारित भार सीमा का पालन करें तथा यातायात नियमों का अनुपालन करते हुए सड़क सुरक्षा में प्रशासन का सहयोग करें।

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