पौड़ी गढ़वाल। गोवा के एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग ने पाबौ ब्लॉक के छानी गांव के 31 वर्षीय सुमित नेगी की जिंदगी छीन ली। सुमित अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और महज 8 महीने की मासूम बेटी को रोता-बिलखता छोड़ गए। हादसे की खबर रविवार देर शाम गांव पहुंचते ही मातम पसर गया।

सुमित पिछले तीन महीने से गोवा के होटल में नौकरी कर रहे थे और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। इस त्रासदी में उत्तराखंड के चार अन्य युवक जितेंद्र सिंह, मनीष सिंह, सतीश सिंह और सुरेंद्र सिंह भी जिंदगी की जंग हार गए। ये सभी नाइट क्लब में कर्मचारी थे। हादसे में दिल्ली से घूमने गए चार पर्यटकों समेत कुल 9 लोगों की मौत हुई।

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परिजनों और ग्रामीणों के लगातार प्रयास और राज्य सरकार की पहल से सुमित का पार्थिव शरीर गोवा से दिल्ली विमान से और फिर एम्बुलेंस से हरिद्वार लाया गया। हरिद्वार में ही पूरे विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। तीन भाइयों में सबसे छोटे और परिवार के चहेते सुमित के जाने से घर और गांव में गम का माहौल है। गांव वाले कह रहे हैं, “हमारा बेटा चला गया, अब उसकी आठ महीने की बेटी बाप के बिना बड़ी होगी।

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