नई दिल्ली: दिसंबर के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक शीतलहर का असर दिख रहा है, जिससे सुबह और शाम के समय कंपकंपी छुड़ाने वाली ठंड पड़ रही है।

मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तराखंड में घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। दृश्यता कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम हो गई है।

यह भी पढ़ें:  एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का जबरदस्त लोकल कनेक्ट, पहाड़ी बोली-भाषा के शब्दों को दी अपने भाषण में जगह, मां डाट काली से लेकर पंच बदरी-केदार तक का जिक्र

शीतलहर के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 16.9°C तक गिर गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम था।

IMD ने उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट है। कोहरा 22-24 दिसंबर तक बने रहने की संभावना है, और 25-27 दिसंबर को फिर से घना कोहरा छा सकता है।

यातायात पर प्रभाव

हवाई यातायात: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घने कोहरे के कारण कई उड़ानें प्रभावित हुईं। शनिवार को 129 उड़ानें रद्द हुईं (66 आगमन और 63 प्रस्थान), जबकि रविवार को भी दर्जनों उड़ानें रद्द या विलंबित रहीं। इंडिगो, एयर इंडिया और अन्य एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।

यह भी पढ़ें:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले – विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी जरूरी

रेल और सड़क: कोहरे के कारण ट्रेनों की गति कम कर दी गई है, कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 20-22 दिसंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हुई है। इससे मैदानी इलाकों में ठंड और बढ़ गई है।

सलाह

  • यात्रा करने से पहले मौसम अपडेट चेक करें।
  • सुबह के समय कोहरे में सावधानी बरतें, फॉग लाइट्स का उपयोग करें।
  • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी अपनाएं।
यह भी पढ़ें:  अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत : मुख्यमंत्री

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *